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काशी की नामचीन हस्तियों के साक्षात्कार पर आधारित पुस्तक 'साक्षात काशी ' शीघ्र प्रकाशित हो रही है| आप भी अपनी प्रति सुरक्षित करा सकते हैं|

निवेदन

‘काशीकथा‘ बनारस की संस्कृति एवं विरासत को संजोने एवं इंटरनेट के माध्यम से अधिकाधिक पाठकों/जिज्ञासुओं तक इस प्राचीन नगरी की विशिष्टताओं को प्रेषित करने के पुनीत उदेश्य के साथ शुरू किया जा रहा है। यह एक दीर्घकालिक एवं निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है; जिसमें आप सभी के योगदान की आवश्यकता है। समस्त प्रबुद्धजनों से वेबसाइट की विषयवस्तु के संदर्भ में बौद्धिक एवं व्यावहारिक सहयोग की अपेक्षाओं के साथ - 
( kashikatha@gmail.com पर आपका सहयोग अपेक्षित है। )

काशी में नागपंचमी

काशी का जैतपुरा स्थित नागकूप एक ऐसा स्थल है जिसका महर्षि पतंजलि और महर्षि पाणिनि से गहरा सम्बन्ध रहा है | यह ...
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथालय में बनारस के ऊपर उपलब्ध महत्वपूर्ण पुस्तकें

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथालय में बनारस के ऊपर उपलब्ध महत्वपूर्ण पुस्तकें ...
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अहंकार रहित होना ही है बनारसीपन – आनन्द बहादुर

जिस जमीं की धूर भी सिर चढ़ाई जाती है; वैसी नगरी है बनारस। कहा जाता है कि बनारस ईंट पत्थरों और लोगों ...
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देवदीपावली

जिसे काशीवासियों ने बनाया महा उत्सव विश्व के सबसे प्राचीन शहर काशी की संस्कृति एवं परम्परा है देवदीपावली। प्राचीन समय से ही ...
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निश्चिंतता, उन्मुक्तता, उदारता, आतिथ्य है काशी – धर्मशील चतुर्वेदी

आप उन्हें साहित्यकार कहिये, व्यंगकार कहिये, अधिवक्ता, चित्रकार, नाटककार या जो कुछ भी, वह सभी भूमिकाओं में समान सक्रियता से मिलेंगे क्योंकि ...
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अतीत के आईने में काशी

मार्क ट्वेन ने लिखा है कि “वाराणसी इतिहास से भी प्राचीन है, परम्परा की दृष्टि से भी अतिशय प्राचीन है और मिथकों ...
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बिरहा की उत्पत्ति और उसका विकास

पूर्वी उत्तर प्रदेश का लोक गायन ‘बिरहा’ का आज लोक गायकी के क्षेत्र में अपना एक विशिष्ट स्थान है। उत्तरोत्तर विकास की ...
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धर्म यात्राओं की अनूठी पहल

काशी में धर्म लोगों का अभिन्न अंग रहा है। प्रातःकाल का आगमन यहां घण्टा-घड़ियालों वैदिक मन्त्रों के सुमधुर स्वर एवं हवन सामग्रियों ...
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लाल खाँ का रौजा (मकबरा), राजघाट

लाल खाँ का रौजा (मकबरा), राजघाट लाल खाँ का मकबरा काशी में मुगल काल के दौरान बनाई गयी मकबरों में से एक ...
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